Causes and Effects of Road Accidents | राँची सहित राज्य भर में सड़क दुर्घटनाओं का ग्र्राफ तेजी से बढ़ रहा है - Public News Ranchi

Breaking

Causes and Effects of Road Accidents | राँची सहित राज्य भर में सड़क दुर्घटनाओं का ग्र्राफ तेजी से बढ़ रहा है

  राँची सहित राज्य भर में सड़क दुर्घटनाओं का ग्र्राफ तेजी से बढ़ रहा है
india-way-off-road-safety-targets-for-2020-road-accidents-still-kill-over-a-lakh-a-year/articleshow
 Road Accidents 

 हर दिन कहीं न कहीं Accident में लोग गंभीर रूप से जख्मी हो रहे या फिर उनकी जानें चली जा रही है, पर जागरूकता के अभाव में मृतक के आश्रितों को आर्थिक लाभ से भी वंचित होना पड़ता है।
 कई बार Accident के बाद लोगों का हंगामा व सड़क जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन मृतक के आश्रितों को अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रुपये देती है, तो कभी गाड़ी मालिक लाख-दो लाख रुपये देकर पिंड छुड़ा लेते हैं।
पर, आपको पता है एमवीआइ एक्ट के तहत जिस गाड़ी से Accident हुई है उस गाड़ी की बीमा पॉलिसी से मृतक के आश्रितों को मोटी रकम मुआवजा के तौर पर मिल सकती है। एमवी एक्ट की धारा 141 के तहत मुआवजे का प्रावधान है तथा धारा 161 के तहत आश्रितों को लाखों रुपये मिल सकता है। मृतक की उम्र तथा उसकी सालाना आमदनी पर मुआवजा निर्धारित होती है।

 मुआवजा बीमा कंपनी द्वारा ही मिलता है, पर इसे प्राप्त करने के लिए कुछ उपाय हैं, जिसे पुलिस के सहयोग से मृतक के आश्रितों को करना होता है। मृतक के आश्रित इस तरह प्राप्त कर सकते हैं मुआवजाः मृतक के आश्रित या पैर Accident से विकलांग व्यक्ति जिला जज के ट्रिब्यूनल में एक फॉर्म भर याचिका दायर कर सकते हैं।

 यह फॉर्म न्यायालय परिसर में किसी भी फॉर्म विक्रेता के पास आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उस फॉर्म के साथ थाना में दर्ज एफआईआर, जख्म रिपोर्ट या पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोटर वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, बीमा प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि जो किसी दुर्घटना के बाद आसानी से पुलिस के सहयोग से प्राप्त कर सकते हैं और उपरोक्त प्रमाण पत्र को आवेदन के साथ संलग्न कर जमा करते हैं।

किसे कितना मुआवजा मिल सकता है, यह एमवी एक्ट के शिड्यूल दो में वर्णित किया गया है। मृतक की उम्र तथा उसकी वार्षिक आय पर निर्भर करता है। यह लाखों में हो सकता है। अमूमन ऐसे मामले को न्यायालय लोक अदालत भेजती है, जहां समझौते के आधार पर फैसला होता है।
यही कारण है कि ऐसे मामले में काफी कम समय में मृतक के आश्रितों को मोटी रकम मुआवजा मिल जाता है और मामले भी तत्काल सलट जाते हैं। पुलिसकर्मियों में भी प्रशिक्षण का अभावः Road Accident के दौरान पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने तथा वाहन चालक को जेल भेजने तक अपना दायित्व समझती है, पर पुलिस का दायित्व काफी बड़ा है।

खासकर Road Accidents में केस के अनुसंधानकर्ता को मृतक के आश्रितों को मुआवजा दिलाने के लिए एमवी एक्ट के प्रावधान के अनुसार कागजात तैयार करने में आवेदक को मदद करने का भी कर्तव्य है, पर नियमों की जानकारी व प्रशिक्षण के अभाव में पुलिसकर्मी ऐसा नहीं कर पाते हैं।

No comments:

Post a Comment